लैमार्कवाद (Lamarchism)
फ्रांस में जन्में (1744 - 1899) इस प्रकृतशास्त्री का पूरा नाम जीन बापटिस्ट लेमार्क ( Jean Baptist Lamarck ) था। लैमार्क ने विकासवाद का सिद्धान्त प्रस्तुत करने के पूर्व सेना में भी कार्य किया था। उन्होंने वनस्पति शास्त्र एवं प्राणी शास्त्र के प्रोफेसर के पदों पर भी कार्य किया । लैमार्क ने विकासवाद के सिद्धान्त के अलावा जीव विज्ञान में अपना अमूल्य सहयोग अन्य कार्य करके भी दिया। ‘ बायलॉजी’ शब्द का उपयोग उन्होंने ही सर्वप्रथम किया था। अकेशरूकी एवं कशेरुकी प्राणियों के लिए क्रमशः ‘इनवर्टेब्रेट’ (Invertebrate) एवं वर्टेब्रेट्स (Vertebrates) शब्दों को उन्होंने प्रचलित किया था। लैमार्क ने जीवों के विकास क्रम का खाका भी प्रस्तुत किया था। लैमार्क ने विकाश संबंधी अपना सिद्धान्त सन् 1809 में ‘फिलासॉफी जूलोजिक’ नामक ग्रंथ में प्रकाशित किया। उनके विकाश के सिद्धांत को ‘उपार्जित लक्षणों की वंशागति’ (Inheritance of acquired characters) के नाम से जाना जाता है। उनके द्वारा प्रस्तुत उक्त सिद्धान्त का संक्षिप्त विवरण निम्नानुसार है — लैमार्क ने अपने जिन अवलोकनों के आधार पर ‘उपार्जित लक्षणों की व...